Add To collaction

लेखनी कहानी -17-Jan-2023

कोहरा
                 मुक्तक 
नज़ाकत कोहरे की देखो,
       धूप को छेकता है जो .
बढ़ा देता है सर्दी को,
       लगे सबको हरजाई है.
रौब में शीत जब आती,
       ठिठुरते लोग हैं सारे ,
पकौड़े,चाय-भजिया से,
       लोग करते कुड़माई हैं .. .

   10
4 Comments

Renu

18-Jan-2023 10:26 AM

👍👍🌺

Reply

बहुत खूब

Reply

Varsha_Upadhyay

17-Jan-2023 08:35 AM

Nice 👍🏼

Reply